आज शनिवार के दिन हनुमान चालीसा की यह चोपाई बोलदे 3 बार,इतना बरसेगा पैसा की बन जाओगे करोड़पति

रामभक्त हनुमान को हम नाजाने कितने ही नामों से पूजते हैं। कोई उन्हें पवनपुत्र कहता है तो कोई महावीर, कोई अंजनीपुत्र बुलाता है तो कोई कपीश नाम से उनकी अराधना करता है। भगवान शिव ने अनेक अवतार लिए, जिनमें से सर्वश्रेष्ठ हैं महावीर हनुमान। शिवपुराण के अनुसार त्रेतायुग में दुष्टों का संहार करने के लिए हनुमान ने शिव के वीर्य से जन्म लिया था। हनुमान चालीसा की पंक्तियां “अष्ट सिद्धि नौ निधि के दाता। अस बर दीन्ह जानकी माता” का अर्थ है कि मां देवी सीता ने महावीर को ऐसा वरदान प्राप्त हुआ जिसके अनुसार कलयुग में भी वह किसी को भी आठ सिद्धियां और नौ निधियां प्रदान कर सकते हैं। आज भी यह माना जाता है कि जहां भी रामायण का गान होता है, हनुमान जी वहां अदृश्य रूप में उपस्थित होते हैं।

हनुमान इस कलियुग में सबसे ज्यादा जाग्रत और साक्षात हैं। कलियुग में हनुमानजी की भक्ति ही लोगों को दुख और संकट से बचाने में सक्षम है। हनुमानजी हमारे बीच इस धरती पर सशरीर मौजूद हैं। किसी भी व्यक्ति को जीवन में श्रीराम  की कृपा के बिना कोई भी सुख-सुविधा प्राप्त नहीं हो सकती है। श्रीराम की कृपा प्राप्ति के लिए हमें हनुमानजी को प्रसन्न करना चाहिए। उनकी आज्ञा के बिना कोई भी श्रीराम तक पहुंच नहीं सकता। हनुमानजी की शरण में जाने से सभी सुख-सुविधाएं प्राप्त होती हैं। इसके साथ ही जब हनुमानजी हमारे रक्षक हैं तो हमें किसी भी अन्य देवी, देवता, बाबा, साधु, ज्योतिष आदि की बातों में भटकने की जरूरत नहीं।इस ब्रह्मांड में ईश्वर के बाद यदि कोई एक शक्ति है तो वह है हनुमानजी। महावीर विक्रम बजरंगबली के समक्ष किसी भी प्रकार की मायावी शक्ति ठहर नहीं सकती।

तुलसीदास द्वारा लिखा गया ‘काव्यात्मक’ कृति हनुमान चालीसा, इसमें खुद में हजारों और लाखों मंत्रों के समान शक्तिशाली बताई गई है। वैसे तो पूरी हनुमान चालीसा बहुत ही महत्वपूर्ण है। लेकिन हनुमान चालीसा की 5 चौपाई अगर हम सही तरीके से निरंतर जाप करें तो सभी दुखों से इंसानों को मुक्ति मिल सकती है।चलिए जानते हैं इन 5 मंत्रों को

||भूत पिचाश निकट नहिं, आवै महावीर जब नाम सुनावै||

यदि आपको किसी भी प्रकार का डर या भय  सता रहा है  तो रोज सुबह या शाम समय केवल 108 बार इस चौपाई का जाप करें। इससे आपको सभी प्रकार के भय से मुक्ति मिलेगी।

||नासे रोग हरे सब पीरा, जपत निरंतर हनुमत बीरा||

यदि आप स्वास्थ सम्बन्धी परेशानियों से जूझ रहे है तो बस सुबह के समय यदि इस मंत्र का 108 बार जाप कर ले और मंगलवार के दिन हनुमानजी की मूर्ति के सामने हनुमान चालीसा का पाठ करे तो रोगी को अपने सारे रोगों से मुक्ति मिल जाएगी।

||अस्ट सिद्धि नौ निधि के दाता, अस बर दिन्ह जानकी माता||

यदि जीवन में कोई व्यक्ति शक्ति प्राप्त करना चाहता है या फिर जीवन निर्वाह में उन्हें मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है तो बस सुबह ब्रह्म मुहूर्त में उठकर एक घंटा या आधा घंटा इन पंक्तियों का जाप कर ले उसे अवश्य लाभ मिलेगा।ऐसा माना जाता है की हनुमान जी अष्ट सिद्धि और नौ निधियों को देने वाले भगवान माने जाते हैं। और उन्हें ऐसा वरदान माता सीता ने भी दिया था।

।। बिद्यबान गुनी अति चातुर। रामकाज करीबे को आतुर।।

यदि आपको विद्या और धन की  प्राप्ति चाहिए  तो आपको इस चौपाई का पाठ करना चाहिए क्योंकि  विद्या और चतुराई को प्राप्त करने के लिए हनुमान चालीसा की ये  चौपाई राम बाण के समान है।

।। भीम रूप धरि असुर संहारे। रामचंद्रजी के काज संवारे।।

यदि आप अपने जीवन में  शत्रुओं से परेशान है तो ऐसे में ये चौपाई आपके लिए लाभदायी सिद्ध हो सकती है |आपको इसका 108 बार जाप करना है |यदि आप इसका अत्यधिक लाभ पाना चाहते है तो हर शनिवार और मंगलवार आपको इसका पाठ करना है

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