भगवान राम में आस्था रखने वाले इस मुस्लिम देश ने मोदी सरकार से लगायी गुहार

इंडोनेशिया विश्व का एक छोटा सा देश है | कई लोग तो इस देश के बारे में जानते भी नही है | हम आपको बता दे की दुनिया के सबसे ज्यादा मुस्लिम इंडोनेशिया में ही रहते हैं। आप सोच रहे होंगे के मुस्लिमो के ज्यादा रहने में भला क्या अनोखी बात है लेकिन इसमें खास बात यह है कि यहाँ के जो मुस्लिम है वो अन्य मुस्लिमो से काफी अलग है । क्योंकि इंडोनेशिया के लोग ‘रामायण’ के दीवाने हैं। यहां के लोग भगवान राम को एक महान इंसान के रूप में पूजते हैं।

इन्डोनेशियाई रामायण

तो आइये हम आपको इंडोनेशिया के बारे में कुछ रोचक बाते बताते है -:

  • इस देश की कुल आबादी लगभग 23 करोड़ है और यहां की कुल आबादी के तक़रीबन 90% लोग मुस्लिम हैं।
  • जैसे की हमारे भारत में राम की नगरी अयोध्या है | उसी तरह से इंडोनेशिया में भी एक जगह राम की नगरी है जिसे योग्या के नाम से जाना जाता हैं।

योग्या मंदिर

  • जैसा की हमारे देश के हिन्दुओ में रामायण के प्रति काफी आस्था है और लोग काफी श्रद्धा से इसपर विशवास करते है | वैसे ही इंडोनेशिया के जो लोग है उन्हें भी रामायण में काफी आस्था है और यहाँ के लोग राम को एक महान राजा के रूप में मानते है |
  • इंडोनेशिया सरकार की सरकार ने वर्ष 1973 में एक अंतर्राष्ट्रीय रामायण सम्मलेन आयोजित किया | और ऐसा करके इंडोनेशिया ने पूरी दुनिया को सोचने पर मजबूर कर दिया था कि आखिर पहली बार विश्व में रामायण का अंतर्राष्ट्रीय सम्मलेन हो रहा था और वो भी एक मुस्लिम देश के द्वारा।
  • भारत के लोग जो आदिकवि ऋषि वाल्मिकी द्वारा रचित संस्कृत भाषा में लिखी गयी रामायण को मानते हैं | वैसे ही इंडोनेशिया के मुस्लिम लोग कावी भाषा में लिखी कवि योगेश्वर द्वारा लिखित रामायण को मानते है |

  • आप शायद ही जानते होंगे कि इंडोनेशिया में नौसेना अध्यक्ष को ‘लक्ष्मण’ कहा जाता है ? और साथ ही यहाँ के लोग माँ सीता को ‘सिंता’ | और भगवान् श्री हनुमान को ‘अनोमान’ के नाम से पूजते है। और इंडोनेशिया में तो भगवान् हनुमान सबसे ज्यादा ही लोकप्रिय हैं। हम आपको बता दे की इंडोनेशिया के लोग जो 27 दिसम्बर को अपनी आजादी मनाते है ,उन्हें भगवान् हनुमान में काफी श्रद्धा है | इसका अंदाजा आप इस बात से लगा सकते है | जब यहाँ के लोग बड़ी संख्या में देश की राजधानी जकार्ता में सड़कों पर आजादी का जश्न मनाते है उस वक्त हनुमान जी का रूप को लेकर परेड में सम्मिलित होते हैं।

इन्डोनेशियाई रामलीला

  • इस देश में रामायण का इतना गहरा प्रभाव है कि यहां की सारी संस्कृति ही रामायण की पारम्परिक श्रद्धा से जुडी हुई है। साथ ही आपको इस देश के कई जगहों में रामायण के अवशेष मिले है | और साथ ही रामकथा की नक्काशी वाले पत्थर भी यहां मिलते हैं।
  • यहाँ तक की इंडोनेशिया की सरकार कुछ ही दिनों पहले भारत की सरकार से एक मांग की है | इसके अनुसार इंडोनेशिया भारत की तमाम जगहों पर रामलीला आयोजिय करवाने की मांग की है जो की इंडोनेशिया की रामयतन पर आधारित है ।

 

 

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