अभिनेत्री स्मृति मल्होत्रा की कहानी , जानें कैसे बनी मंत्री स्मृति ईरानी, सहेली के पति से ही कर ली थी शादी

देखा जाये तो हमारे जितने भी बड़े स्टार्स या सेलेब्रिटी है उनकी ज़िन्दगी के कई ऐसे राज़ है जो आम जनता नही जानती और वो राज़ दबे ही रह जाते है और ये स्टार्स अपनी बहरी चकाचौंध से सभी को लुभाते रहते है वो कहते है न कोई सफलता की कितनी भी उच्चाईयों पर क्यों न पहुंच जाये कोई, परन्तु उसका अतीत कभी भी उसका पीछा नही छोड़ता है।

आज हम एक ऐसे ही राजनेता के बारे में बात करने जा रहे है आमतौर पर नेता है और उनका नाम स्मृति मल्होत्रा है इनके बारे में आज हम आपको बहुत बड़ी बात बताने जा रहे है वैसे ऐसे राज अगर थोड़ी मेहनत की जाये तो सामने भी आ जाते हैं। टीवी एक्ट्रेस स्मृति मल्होत्रा की जो सरकार में मंत्री स्मृति ईरानी बन गयी। आइए जानते हैं स्मृति ने कैसे अपनी ज़िन्दगी में पाई तरक्की।

आपको बता दे की 23 मार्च 1976 को स्मृति ईरानी का जन्म हुआ था अभी 42 साल की हैं। वो मॉडल बनना चाहती थीं। इसी चाहत में दिल्ली में पढ़ाई पूरी कर 20-22 साल की उम्र में ही मुंबई आ गई थी। स्मृति तब स्मृति मल्होत्रा थी। उनका परिवार रूढ़ीवादी था और उनको मॉडलिंग नहीं करने दे रहा था। इसी वजह से स्मृति ने अपना घर छोड़ दिया था और मुंबई आकर मॉडलिंग करनी शुरू कर दी थी। पहले के समय में स्मृति मल्होत्रा बहुत ही गरीब  थी औरे उस समय पैसे की बहुत तंगी थी। मॉडलिंग से खर्च पूरा नहीं हो पाता था और वो रेस्तरां में काम करने लगी थी। जिससे उनका खर्चा पूरा हो सके|

इसी दौरान स्मृति मुलाकात एक अमीर पारसी लड़की से होती है जो उसकी खास दोस्त बन जाती है।उसकी दोस्ती एक ऐसी महिला से हो गई जिसने स्मृति की जिन्दगी ही बदल दी वह महिला बहुत ही ज्यादा रईस खानदान की थी और बहुत सीधी-साधी और साफ दिल की थी। वो स्मृति को बहुत मानती थी। उसका नाम मोना ईरानी था। वो बहुत ही आमिर और पैसे वाली थी मोना अरबपति खानदान की बहु थी और उसकी एक बेटी थी। उस दौरान स्मृति मल्होत्रा पैसो को लेकर बहुत परेशान थी।

स्मृति के पास कई बार फ्लैट का किराया देने का पैसा भी नहीं होता था। अपनी दोस्त की तकलीफों को देखकर दिल पिघल जाता है और वो उसे कहती है कि तुम हमारे घर चलो और जब तक तुम अच्छे से सेटल नही हो जाती हो तब तक हमारे साथ हमारे घर पर ही रहो। लेकिन मोना नहीं जानती थी कि एक दिन इसी दोस्त के कारण उसे अपना यही घर छोड़ना पड़ जाएगा।

स्मृति मल्होत्रा सहेली मोना के घर पर ही रहने लगी थी। वहां उसे पता चलता है की ये पारसी कोई मामूली नही बल्कि फिरोज शाह गोदरेज का भांजा है और टाटा खानदान में इसकी बहन की शादी हुई है। गोवा, मुम्बई, नवसारी और अहमदाबाद में इनकी कई हजार करोड़ों की प्रोपर्टीज है। फिर वो अपनी उसी सहेली मोना ईरानी के पति के नजदीक आने लगती है जिसने उसकी तकलीफों को देखते हुए उसे एक आलीशान घर में रहने के लिए जगह दी थी।इसी के बाद से शुरू हुआ अपनी ही सहेली को धोखा देने का खेल। स्मृति ने धीरे-धीरे जुबिन ईरानी को अपने प्रेम के जाल में फंसा लिया और मोना ईरानी की बसी बसायी गृहस्थी उजाड़ डाली।

जुबिन ईरानी एक अभिनेत्री के रूप जाल में फंसता चला गया और उसने अपनी पत्नी मोना ईरानी को तलाक देकर उस स्मृति मल्होतरा से शादी कर ली और उस सहेली मोना ईरानी को अपने ही घर से निकलना पड़ गया। ये साल 2001 में स्मृति ने शादीशुदा जुबिन ईरानी पारसी से शादी की और उसी साल उन्हें एक बेटा भी हुआ, जिसका नाम ‘जौहर’ है।

इतने बड़े खानदान में शादी के बाद स्मृति की सफलता के दरवाजे खुलते गये। उनको बड़े-बड़े सीरियलों में काम मिलता गया। इसके बाद उनको भाजपा में भी एंट्री मिल गयी और धीरे-धीरे स्मृति ने बहुत तरक्की कर ली|