फौजी ने समाज के लिए पेश की मिसाल, लाखों का दहेज लौटा कर बोला कुछ ऐसा की सभी रह गए हैरान

दहेज प्रथा खत्म हो जाए इसकी ना जाने कितनी जी कोशिशें आए दिन होती रहती हैं और हमेशा से होती आई हैं, लेकिन इन सब के बावजूद कुछ लोग अपनी हरकत और सोच से बाज नहीं आये हैं, लोगो को आज भी दहेज चाहिए। लड़की के माँ बाप इस चीज की वजह से ना जाने कितनी ही परेशानियां झेलते हैं। लेकिन ऐसे में जब कोई ऐसा वाकया सामने आए जिसमे लड़के ने दहेज लेने से इनकार कर दिया हो तो लगता है जैसे देश आगे बढ़ रहा है और लोग बदलाव की तरफ अपना कदम बढ़ा रहे हैं। आज हम आपको ऐसे ही एक शख्स के बारे में बताने जा रहे हैं जिसने शादी को मना करने की धमकी इसलिए दी क्योंकि लड़की के पिता दहेज लेकर आये थे।

यह मामला है मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के हीवरखेड़ गाँव का, यहां आमला के निवासी राजाराम जो कि बेटे हैं महादेव जी के, वो सेना सिग्नल बीकानेर में पदस्थ है। राजाराम का विवाह प्रतिभा महाजन से तय हुआ, प्रतिभा, जगन्नाथ महाजन की सुपुत्री हैं। जब बुधवार को राजाराम बारात लेके प्रतिभा के यहां पहुंचे तो जब वो सात फेरो के लिए आगे बढ़े तब राजाराम ने वहां रखे दहेज के समान को देखा और उसपर उसने आपत्ति जताई। राजाराम ने साफ साफ कहा कि उन्हे लड़की चाहिए, ना कि सामान। उन्होने कहा कि उन्हे सामान से शादी नहीं करनी। राजाराम ने कहा कि वो दहेज के बेहद खिलाफ है और दहेज लेने और देने दोनों को ही अपराध मानते हैं। इसलिए वो दहेज बिल्कुल भी स्वीकार नहीं करेंगे। उन्होने कहा कि जब तक दहेज वहा से हटाया नहीं जाएगा वो शादी पूरी नहीं करेंगे। उन्होंने ये भी कहा कि अगर प्रतिभा के पिताजी को दहेज देना ही है तो वो किसी और लड़के को खोज ले। इसके बाद वहां से सारा सामान हटाया गया और उसके बाद शादी पूरी हुई।

दहेज में उन्होने फ्रिज, ए.सी और कई फ़र्निचर, जैसी कई और चीजे लाई थी, एक ट्रक भर के दहेज था। उस ट्रक के वहां से जाने पर ही शादी सम्पन्न हुई। इस बात पर दुल्हन के घर वाले काफी खुश हैं कि उनकी बेटी अच्छे घर में गई है। उन्होने कहा को आज के युग में ऐसा दामाद बहुत किस्मत वालों को मिलता है और वो काफी खुशकिस्मत हैं। प्रतिभा ने भी कहा को उन्हे अपने पति पर काफी गर्व है। अब ऐसे समय में जब लड़कियों को आज भी दहेज के लिए मार दिया जाता है और बहुत कोसा जाता है, जब कोई भी व्यक्ति ऐसा कदम उठाता है तो बेहद खुशी होती है। इससे ना सिर्फ उस लड़की के घरवालों को नहीं बल्कि समाज के लोगो को भी जागरूक होने का एक मौका मिलता है।

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