इस वजह से हुआ सोनाली बेंद्रे को कैंसर, महिलाए भूलकर भी न करें ऐसी गलतियां

आजकल बॉलिवुड का समय कुछ ज्‍यादा ही बुरा चल रहा है इतना ही नहीं आपको बता दें कि इस बार ऐसी कई सारी खबरें सुनने में आई जो आपको झंकझोर दी होंगी। आपको अगर याद होगा तो अभी कुछ ही दिनों पहले इरफान खान को लेकर एक खबर सामने आई थीं जिसमें पता चला कि उन्‍हें कैंसर है वहीं अब इस खतरनाक बीमारी का शिकार बॉलिवुड ऐक्ट्रेस सोनाली बेंद्रे भी हो चुकी है। ऐसा लग रहा है मानों कैंसर ने बॉलीवुड में अपना घर ही बना लिया हो तभी तो हमारे चहेते स्‍टार्स को इतनी गंभीर बिमारी हो रही है और इसका पता काफी देर से चल पा रहा है।

आपको बता दें कि सोनाली ने अपने सोशल मीडिया अकांउट पर यह जानकारी दी कि उन्हें हाई-ग्रेड कैंसर हो गया है जो अब मेटास्टेसाइज्ड हो गया है यानी शरीर के दूसरे अंगों तक फैल चुका है और सोनाली इस वक्त न्यू यॉर्क में हैं और अपना इलाज करवा रही हैं। अब जब से लोगों को ये खबर सुनने को मिली है तभी से उनके दिमाग में कई तरह के सवाल उठ रहे हैं जिसमें सबसे पहले तो ये सवाल आता है कि आखिर मेटास्टैटिक कैंसर होता क्या है? तो आइए आज हम आपको बताते हैं कि आखिर मेटास्टैटिक कैंसर क्या होता है।

सबसे पहले तो ये जानना जरूरी है कि कैंसर शरीर के जिस हिस्से में सबसे पहले विकसित होता है उसे प्राइमरी स्पॉट कहते हैं और जब कैंसर सेल्स टूटकर प्राइमरी स्पॉट से निकलकर खून या लसीका के जरिए शरीर के दूसरे हिस्सों तक फैल जाते हैं तो उसे मेटास्टैटिक कैंसर कहते हैं। कैंसर सेल्स जब शरीर के दूसरे हिस्सों में ट्यूमर बनाने लगते हैं तो इसे मेटास्टैटिक ट्यूमर कहते हैं। हालांकि प्राइमरी और मेटास्टैटिक कैंसर दोनों का नेचर एक जैसा ही होता है।

अब दूसरा सवाल ये भी जरूर अाता है कि इन बड़े बड़े हस्तियों को ये बिमारी कैसे घर कर जा रही है तो शायद आपको पता नहीं होगा कि इस देश में हर साल 14.5 लाख कैंसर के नए मामले सामने आते हैं जिसमें वजह उनकी लाइफस्टाइल से ही होते हैं। अब आप सोच रहे होंगे अपनी लाइफस्‍टाइल में ऐसी क्‍या गलतियां हो जाती है जिससे ये भयंकर बिमारी घर कर जाती है।

महिलाएं ये बात हमेशा रखें ध्‍यान

ध्‍यान रहे कि आप स्वस्थ दैनिक आहार लें जिसमें फल और सब्जियां शामिल हैं खाने से स्तन कैंसर के खतरे को कम किया जा सकता है।

वहीं अगर जिस व्यक्ति रोजाना व्यायाम करता है वो ब्रेस्ट कैंसर के खतरे को कम कर सकता है। अध्ययन बताते हैं कि प्रत्येक सप्ताह 75 मिनट से 150 मिनट का ब्रिस्क वॉक इस खतरे को कम करने में मददगार होता है।

जो महिलायें अपने बच्चों को स्तनपान करातीं हैं उन्हें स्तन कैंसर के विकास का कम जोखिम होता है।

अगर आपको लगातार बैक पेन होता है तो ध्‍यान रहे कि आपको ये गंभीर बिमारी हो सकती है।

वहीं एटॉमन पेन यानि की महिलाओं को पेट में हमेशा दर्द बना रहता है तो उन्‍हें सावधान रहना चाहिए और आपको ऐसा दर्द है तो आपको तुरंत डॉक्‍टर से संपर्क करना चाहिए।

मासिक चक्र में अनिमियतता भी इस गंभीर बिमारी का संकेत देती हे। हालांकि ये सामान्‍य बिमारी है लेकिन वहीं दूसरी तरफ ये कैंसर को भी संकेत देती है।

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