रात के वक़्त क्यों नही छोड़ा जाता लाश को अकेला, सच्चाई आपको भी कर देगी हैरान

जीवन की सबसे बड़ी सच्चाई मृत्यु है और इस सच्चाई से दुनिया का हर एक इंसान वाकिफ हैं, शास्त्रो में भी कहाँ गया हैं कि दुनिया में जिस किसी भी चीज का जन्म हुआ हैं उसकी मृत्यु निश्चित हैं और इसे कोई टाल नहीं सकता हैं। हालांकि सभी लोग जानते हैं कि हर इंसान को एक ना एक दिन मरना हैं लेकिन फिर भी मरने के नाम पर हर किसी को डर लगता हैं। दरअसल ईश्वर ने इस दुनिया की और अपनी सबसे खूबसूरत कृति इंसान को बनाया हैं और अपने इस खूबसूरत कृति को वो अपने पास एक ना एक दिन बुलाता ही है। भले ही चाहे वो किसी को जल्दी ही बुला ले तो किसी को देर में बुलाये लेकिन ईश्वर अपने पास हर किसी को बुलाता हैं। जब किसी भी इंसान की मृत्यु होती हैं तो लोग उस इंसान के लाश के अगल-बगल बैठे रहते हैं और उस दौरान आपने देखा होगा की लाश को कभी भी अकेला नहीं छोड़ते हैं। दरअसल अपने इस बात पर कभी गौर किया हैं कि आखिर लोग ऐसा क्यों करते हैं। ऐसे में यदि आप इस बात को नहीं जानते हैं तो आज हम आपको इस बारे में आपको बताते हैं कि आखिर लोग मरने के बाद लाश को अकेला क्यों नहीं छोड़ते हैं।

तो इस वजह से रात में लाश को अकेला नहीं छोड़ते

जब एक इंसान की मृत्यु होती हैं तो कभी भी उसका अंतिम संस्कार रात में नहीं किया जाता हैं बल्कि सुबह होने का इंतजार किया जाता हैं। बता दें कि धर्मशास्त्रो में रात के समय अंतिम संस्कार करने की मनाही है। इसलिए हिन्दू धर्म में कभी भी रात के समय अंतिम संस्कार नहीं किए जाते हैं। इतना ही नहीं रात के समय में कोई भी लाश को अकेला भी नहीं छोड़ता हैं क्योंकि रात में जब व्यक्ति की मृत्यु हो जाती हैं तो लोग उसके लाश को तुलसी के पौधे के पास रखते हैं और पूरी रात जाग कर लोग उस लाश की निगरानी करते हैं। दरअसल जब व्यक्ति की मृत्यु हो जाती हैं तो रात के समय उसकी आत्मा उसी के पास रहती हैं और उसका शरीर खाली हो जाता हैं। इतना ही नहीं उस व्यक्ति की आत्मा उसी के शरीर के आस-पास भटकती हैं और लोगों को देखती है। ऐसे में यदि उस मरे हुये व्यक्ति के पास कोई ना हो तो उस मरे हुये व्यक्ति की आत्मा फिर से उसके शरीर पर कब्जा जमा सकती हैं, ऐसा होने पर वह एक नकारात्मक ऊर्जा का संचार करने लगती हैं और लोगों को नुकसान भी पहुंचा सकती हैं।

ऐसे में आत्मा फिर से उस मरे हुये शरीर के ऊपर अपना कब्जा ना जमा ले इसलिए लोग पूरी रात जाग कर उस लाश की निगरानी करतेहैं और सुबह होते ही हैं उसका अंतिम संस्कार कर दिया जाता हैं। अंतिम संस्कार भी बड़े विधि-विधान पूर्वक किया जाता हैं ताकि उस मरे हुये व्यक्ति की आत्मा को शांति मिले और उसे मरने के बाद किसी प्रकार की कोई तकलीफ ना हो। किसी भी मरे हुये व्यक्ति के आत्मा की शांति के लिए सार्वजनिक भोज का भी आयोजन किया जाता हैं और ब्राह्मणों को भोजन खिलाया जाता हैं और पुजा-पाठ भी करवाया जाता हैं।

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