आधी रात को पुलिस ने रोकी मंत्री जी की गाड़ी, अगले दिन कंट्रोल रूम पहुंचकर दिया इनाम, पढ़ें पूरा मामला

देश की सुरक्षा के लिए पुलिसकर्मी दिन-रात अपनी ड्यूटी पर तैनात हैं। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जगह-जगह चेकिंग होती रहती है। भले ही आम जनता के वाहन की चेकिंग पुलिस बिना किसी डर के कर लेती है परंतु जब बात किसी मंत्री की आए तो पुलिस भी मंत्री की गाड़ी को रोकने की हिम्मत नहीं करते हैं। अगर पुलिस वालों ने किसी भी मंत्री की गाड़ी रोक दी तो उसका बाद में क्या होगा, वह तो पुलिस वाला ही जान सकता है। आजकल तो आम लोगों की गाड़ी पुलिस द्वारा रोके जाने पर भी लोग बहस बाजी करने के लिए तैयार हो जाते हैं परंतु आज हम आपको मध्य प्रदेश के ग्वालियर के एक मामले के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं, जिसके बारे में जानने के बाद यकीन मानिए आपकी सोच पूरी तरह से बदल जाएगी। दरअसल, हुआ यह कि ग्वालियर पुलिस के कुछ पुलिसकर्मियों ने रात के समय ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर की गाड़ी रोक ली और उनकी गाड़ी की चेकिंग भी की गई। अगले दिन मंत्री साहब कंट्रोल रूम पहुंच गए और वहां पर जिन जवानों ने उनकी गाड़ी रोकी थी उनको इनाम दिया।

जानिए आखिर क्या है पूरा मामला

आपको बता दें कि शनिवार की रात कैबिनेट मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर अपने विधानसभा क्षेत्र में बिना फॉलो गाड़ी के कई शादी समारोह में शामिल होकर देर रात वापस अपने घर आ रहे थे। रास्ते में हजीरा पुलिस ने चार शहर के नाके पर उनकी गाड़ी को रोक लिया और उनकी गाड़ी की चेकिंग भी पुलिस वालों ने की थी। मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर पुलिसवालों के इस साहस के मुरीद हो गए। पुलिस वालों द्वारा उनकी गाड़ी रोके जाने पर मंत्री साहब नाराज नहीं हुए बल्कि इन्होंने पुलिस कर्मियों का हौसला बढ़ाया और उनको सम्मानित भी किया।

मंत्री साहब ने पुलिस लाइन में पुलिसकर्मियों को किया सम्मानित

मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर हजीरा पुलिस की इस कार्यशैली से इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने चेकिंग स्टाफ को सम्मानित करने का फैसला ले लिया। मंत्री साहब ने कहा कि शहर की कानून व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए पुलिस जवानों ने जो मुस्तैदी दिखाई है वह काबिले तारीफ है लेकिन उन्होंने पुलिस को यह भी हिदायत दी कि वाहन चेकिंग के नाम पर अनावश्यक किसी गरीब व्यक्ति को परेशान ना किया जाए। उन्होंने चेकिंग करने वाले हजीरा टी आई मनोज कुमार शर्मा और उनके स्टाफ को नगद इनाम भी दिया। मंत्री की तरफ से पुलिसकर्मियों को सम्मानित किए जाने के कदम को ग्वालियर पुलिस अधीक्षक अमित सांघी ने भी सराहा है। उन्होंने यह कहा है कि पुलिसकर्मियों को इस तरह प्रोत्साहित करने से उनका मनोबल बढ़ता है और अपराधियों के हौसले पस्त होते हैं। एसपी साहब ने भी अपने स्टाफ के लोगों के हौसले की प्रशंसा की।

बताते चलें कि मध्य प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर अपनी सादगी के लिए हमेशा से ही सुर्खियों में छाए रहते हैं। एक बार मंत्री साहब के बेटे ने कुछ पुलिसकर्मियों पर रौब दिखाने की कोशिश की थी। जैसे ही यह खबर मंत्री जी को लगी तो वह तुरंत ही अपने बेटे को लेकर पुलिस थाने पहुंच गए और मंत्री साहब ने अपने बेटे को पुलिस स्टेशन के जवानों से माफी मांगने के लिए कहा था। मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर जी इससे पहले कभी गंदे नालों की सफाई करते हुए दिखे तो कभी बुजुर्गों के पांव छूते हुए दिखे। मंत्री साहब को बच्चों के साथ खेलते हुए भी अक्सर देखा गया है।