सुहागिन महिलाओं को भूल से भी अपनी ये 5 चीजें किसी को नहीं देनी चाहिए नहीं तो…

हमारा हिन्दू समाज विविध प्रकार की परम्पराओ से भरा हुआ है। सब समाज की अलग अलग प्रकार के रीती रिवाज़ है और सभी लोग इनका पालन करते है| लेकिन कुछ नियम ऐसे भी होते हैं जो सभी जातियों के लोगो पर लागू होते हैं। हमारे हिन्दू समाज में भी कुछ ऐसे ही ऐसे ही रीति रिवाज़ बनाये गए है जो सुहागिन स्त्रियों के बनी हैं और य ये इनका पालन भी करती है।

आज हम आप को कुछ ऐसी बातें बताने जा रहे है जिनसे सुहागिनों को परहेज करने के लिए कहा जाता है। ऐसी ही कुछ बातें हैं सुहागिनों के श्रृंगार से जुड़ी हुईं, जिस चीजो को किसी और के साथ बांटना सुहागिनों  के लिए बुरा माना जाता है और ये एक भाव है जो दंपति के जीवन में खुद से आता है लेकिन इस प्‍यार पर ग्रहण तब लग जाता है जब पत्‍नी अपने साज श्रृंगार को किसी दुसरे से बांटती है जो की शास्त्रों में गलत माना गया है।

सिंदूर:

हिन्दू धर्म में सिंदूर को महिलाओं के सिर का ताज कहा जाता है. सिंदूर को पति की लंबी उम्र के लिए मांग में लगाया जाता है. शादी के बाद अपनी मांग में सिदुर भारती है जो की पति के होने की निशानी मनि जाती है औए वो सुहागन कही जाती है| सिंदुर शादीशुदा महिलाओं का गहना होता है इसके अलावा जब भी सिंदुर लगाएं अकेले में लगाएं या सिर पर दुप्पटा रख कर लगाना चाहिए क्योंकि इससे उनके रिश्ते को दूसरों की नजर लग सकती है।और शास्त्रों में ऐसा कहा गया है की  सुहागिन स्त्रियों को अपना सिंदूर किसी के साथ भी शेयर नहीं करना चाहिए ऐसा करना अच्छा नहीं माना गया है।

काजल:

काजल महिलाओं का एक अहम् श्रृंगार मना जाता है और इसके बिना किसी भी सुहागन का श्रृंगार अधुरा माना जाता है। ज्यादातर महिलाएँ अपने काजल को किसी और के साथ शेयर कर लेती हैं। ऐसा करनें वाली महिलाओं का उनके पति के साथ प्यार कम हो जाता है। इसलिए अपना काजल कभी किसी से शेयर न करे|

 

 बिंदी:

बिंदी भी एक सुहागन महिला के माथे की शोभा होती है और इसके लगाने से  श्रृंगार में चार चाँद लग जाता है। अपने माथे की बिंदी उतारकर किसी अन्य महिला को देना हमेशा से अशुभ माना जाता है। इसलिए अपनी बिंदी भी किसी महिला के साथ कभी भी दुसरे को नहीं चाहिए।

मेहंदी:

मेहँदी भी सुहागा की निशानी मानी जाती है और एक सुहागन को जब तक मेहन्दी ना लगायी जाए, कुछ ना कुछ कमी सी लगती है। कई महिलाएँ अपनी मेहन्दी भी दूसरी महिलाओं के साथ शेयर कर लेती है लेकिन ऐसा माना जाता है कि अपनी मेहंदी किसी और को लगानें से पति का प्यार बंट जाता है और उनको पूरा प्यार नही मिल पता|

चूड़ियाँ और पायल:

एक सुहागन के लिए उसकी चूड़ियाँ भी अपनी जगह बहुत महत्व रखती है ये भी श्रृंगार का अहम् हिस्सा मानी जाती है और चूडियो के साथ पायल भी सुहागन महिला के श्रृंगार के लिए बहुत जरुरी मानी जाती है| इसके बारे में भी कहा जाता है कि यह किसी के साथ शेयर नहीं करना चाहिए। ऐसा करना अच्छा नही माना जाता|

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